एक घबराहट सी ना जाने कैसी दिल में फूट रही
ना जाने हर वक़्त क्यों मुझको मेरी सांसें ढूंढ रही
जैसे कोई चिल्लाहट कानों में पल पल गूंजे है
और सीने में दिल की धड़कन चिटक चिटक कर टूट रही
जैसे इन आँखों ने कोई ख़्वाब बुरा सा देख लिया
और आँखों में आँसू की कई गहरी नदियां सूख गयी
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