मंगलवार, 12 मई 2015

EK GHABRAHAT

एक घबराहट सी  ना जाने कैसी दिल में फूट रही
ना जाने हर वक़्त क्यों मुझको मेरी सांसें ढूंढ  रही
जैसे कोई चिल्लाहट कानों में पल पल  गूंजे है
और सीने में दिल की धड़कन चिटक चिटक  कर टूट रही
जैसे इन आँखों ने कोई ख़्वाब बुरा सा देख लिया
और  आँखों में आँसू  की  कई गहरी नदियां सूख गयी

मंगलवार, 30 जुलाई 2013

Kya Hai Ye Zindagi

क्या है ये ज़िन्दगी
जहाँ जीना है मरने से ज्यादा मुश्किल
फिर भी जीना है
क्या है ये ज़िन्दगी
जहाँ रिश्तों की समझ रिश्तों को भी नहीं
फिर भी निभाना है
क्या है ये ज़िन्दगी
जहाँ अकेले ही आना और अकेले ही जाना है
फिर भी जीते जीते किसी का साथ निभाना है
क्या है ये ज़िन्दगी
जहाँ मेरी लड़ाई हर वक़्त खुद से है
फिर भी नहीं जानता
जीतना है या हराना है

रविवार, 23 दिसंबर 2012

AAJ

जी ले आज
के कल का क्या पता है ,
जो जिया है आज
क्या कल जनता था ,
ज़िन्दगी भिकारी है
मांगती रहेगी
तू दे ले  सारी खुशियाँ
वो दुःख बाँटती  रहेगी ,
कल आये न आये
कल का क्या भरोसा ,
जो थाली में है तेरी
वो आज है परोसा ,
आज की लगी भूख कल मिट न पाएगी,
सुख दुःख की घड़ियाँ है
ये कभी छट न पायेंगी ,
रास्ते बदल दे ,
या दे दे सबको चख्मा ,
जो मिलेगा आज ही \
ये खयाल रखना .........