अश्क तो अश्क है बहते जायेंगे
प्यार को जनमों ना समझ पायेंगे
मैंने भी तो प्यार उस दिल से किया
जो न मेरे ही कभी बन पायेंगे
सोचता था मै ही उनको छोड़ दूँ
जानता था वो मुझे ठुकरायेंगे
एक ही दिन में बदला मेरा नसीब
छोड़ गये वो तोड़ गये रिश्ते सारे
वो इंतज़ार
मिलने की प्यास
रातों की बात
जानते है हम ना कुछ कर पायेंगे
जानते है हम ना कुछ कर पायेंगे
1 टिप्पणी:
Bahot Khub...
Ek nazam hamri aur se...
Jindagi bevafa nahi hoti..
Vaqt ka takzu hi samaj lijie..
ki ham aap ke ho na sake..
hamari yeh chhah hei ki ham bhul jaye aapko...
par aankho me aapki hi tasawir najar aati hei...
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