PURANI YADEIIN
मै दौड़ता रहा
के जब तक ज़िंदगनी थी,
न था कुछ साथ मेरे
था तो कुछ मेरी जवानी थी,
मै दौड़ा खाब के पीछे
जो सारी नीदें ले गया ,
मिला न हाथों में एक पल
यही मेरी कहानी थी ,
मिला सब कुछ यहाँ
दौलत भी ,
शौहरत भी,
मिजाज़ भी,
न मिले पल मुझे वो \
जिसमें यादें पुरानी थी
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