कौन करता है मना
छोड़ दो ये सारे बंधन
तोड़ दो ये सारे रिश्ते
झूठ का व्यापार
सच का अत्याचार
कौन करता है मना !
ज़िन्दगी तो वैसे भी आसूओं की झील है
डूब कर जीना ही अपनी ज़िन्दगी की रीत है
फिर क्यों तड़पते हो
क्यों मचलते हो
कर डालो जो कहता है दिल
कौन करता है मना !
कैसी ये बातें
कैसी मुलाकातें
झूठी है रस्में, झूठे है ये नातें
जी लो जैसे जीना है
कर लो जो कहता है दिल तुम्हारा
कर लो जो कहता है दिल तुम्हारा

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