लेकिन ये दिल जाम बहुत है
कोई इसको भी समझाए
साला ये हराम बहुत है
कैसे जीलूं सारा जीवन
वक़्त है कम और काम बहुत है
पीकर कैसे सब कुछ बोलूं
नशा है कम और बात बहुत है
कठिन है जीना सारा जीवन
मरना तो आसान बहुत है
छोड़ो भी अब ग़म की बातें
ग़म ना मुझको छोड़ेगा
ख़ुशी को पाना थोडा मुश्किल
खुश रहना आसान बहुत है
1 टिप्पणी:
kya baat hai!
Alia Ahmed Dalwai
http://aliascreativelife.blogspot.com/
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