रविवार, 23 दिसंबर 2012

AAJ

जी ले आज
के कल का क्या पता है ,
जो जिया है आज
क्या कल जनता था ,
ज़िन्दगी भिकारी है
मांगती रहेगी
तू दे ले  सारी खुशियाँ
वो दुःख बाँटती  रहेगी ,
कल आये न आये
कल का क्या भरोसा ,
जो थाली में है तेरी
वो आज है परोसा ,
आज की लगी भूख कल मिट न पाएगी,
सुख दुःख की घड़ियाँ है
ये कभी छट न पायेंगी ,
रास्ते बदल दे ,
या दे दे सबको चख्मा ,
जो मिलेगा आज ही \
ये खयाल रखना .........



PURANI YADEIIN

मै दौड़ता रहा
के जब तक ज़िंदगनी थी,
न  था कुछ साथ मेरे
था तो कुछ मेरी जवानी थी,
मै  दौड़ा खाब के पीछे
जो सारी नीदें ले गया ,
मिला न हाथों में एक पल
यही मेरी कहानी थी ,
मिला सब कुछ यहाँ
दौलत भी ,
शौहरत भी,
मिजाज़ भी,
न मिले पल मुझे वो \
जिसमें यादें पुरानी थी

सोमवार, 1 अक्टूबर 2012

Koun Karta Hai Mna

कौन करता है मना
छोड़ दो ये सारे बंधन 
तोड़ दो ये सारे  रिश्ते 
झूठ का व्यापार 
सच का अत्याचार 
कौन करता है मना !
ज़िन्दगी तो वैसे भी आसूओं  की  झील है 
 डूब कर जीना ही  अपनी ज़िन्दगी की रीत है 
फिर क्यों तड़पते हो 
क्यों मचलते हो 
कर  डालो जो कहता है दिल 
कौन करता है मना !
कैसी ये बातें 
कैसी मुलाकातें 
झूठी है रस्में, झूठे है ये नातें 
जी लो जैसे जीना है
कर लो जो कहता है दिल तुम्हारा 
कौन करता है मना !

गुरुवार, 23 फ़रवरी 2012

Intzaar or kitna

 
एक घबराहट सी ना  जाने कैसी दिल में फूट रही,
ना जाने हर वक़्त क्यों मुझको मेरी सांसें ढूंड रही !
जैसे कोई चिल्लाहट कानों में पल पल गूंजे है ,
और सीने में दिल की धड़कन चिटक चिटक कर टूट रही !
जैसे इन आँखों ने कोई ख्वाब बुरा सा देख लिया ,
और आँखों में आंसू की कई गहरी नदियाँ सूख गई!