ऐसा क्यों होता है
कि कोई देश पर मर मिटने के लिए अपनी तमन्नाओं को ख़त्म कर देता है
तो कोई अपनी तमन्नाओं को पूरा करने के लिए देश को ख़त्म करने में लगा है
ऐसा क्यों होता है
कि कुछ लोग हमारे लिए मर जाते है (यानि हमारे देश के सिपाही )
और हम सिर्फ अपनी खुशियाँ में ढूंढने में लगे रहते है
कितनी खूबसूरत थी ये दुनिया
न जाने कौन इसे बांटने में लगा है
ना बनते तोप के गोले तो कितना अच्छा था
ना होती बंदूकों की सलामी तो कितना अच्छा था
काश के उड़ता आज़ाद पंछी की तरहं इस दुनिया में मै
होते फूल ही फूल दुनिया में तो कितना अच्छा था
ऐ खुदा दे दे वो होसला मुझको
कि सरहद के पार भी प्यार भर आऊं मै
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