बुधवार, 16 सितंबर 2009

naam

नाम की क्या बात करें
नाम का ही नाम है
मुझसे मेरा नाम नहीं
नाम से मेरा नाम है
ग़म का भी नाम है
ख़ुशी का भी नाम है
फूलों का भी नाम है
काँटों का भी नाम है
दोस्त का भी नाम है
दुश्मन का भी नाम है
नाम एक अहसास है
अहसास का भी नाम है
जिस्म तो मेरा मिटटी है
मिटटी में मिल जाएगा
जीना है तो नाम से जी
अमर जहाँ में नाम है 

कोई टिप्पणी नहीं: