चेहरों के यहाँ हैं रूप कई
चेहरे में चेहरा लिपटा हुआ
कुछ बेरंगे
कुछ रंंगे हुए
कुछ सहमे से
कुछ डरे हुए
कोई सोच में है
कोई परेशान
कोई थका हुआ
कोई बेजान
कैसे हैं ये चेहरों के रंग
चलते है फिर भी संग संग
एक चेहरा ऐसा मिल जाए
जिसे देख के कलियाँ खिल जाएँ
रोए तो पत्ते झड़ जाये
वो हसें तो परियां शर्मायें
बस एक बार वो मिल जाए
बस एक बार वो मिल जाए
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